Search This Blog

Powered by Blogger.

Facebook Pe Job Kaise Search Kare

Facebook par job kaise dhunde, Facebook par job kaise paye, Facebook ke madat se job kaise dhunde. Agar aap bhi job na milne ke karan pa...

सिटीराइट्स यूवी एक्ट से शादियों में बढ़ा रहे रौनक

सतना. लाइव परफ ॉर्मेंस में लाइट इफेक्ट सबसे बड़ा गेम चेंजर बन कर उभरा है। डिजिटल कंट्रोल होने के चलते लाइट इफैक्ट्स की प्रोग्रामिंग पहले ही हो जाती है जिससे कार्यक्रम का प्रभाव बढ़ जाता है। आधुनिक तकनीकी पर आधारित एलइडी नियॉन लेजर और यूवी लाइट का चलन यूं तो शहर में तीन से चार साल पहले रियलिटी शेाज में शुरू हो गया था। मगर अब शादियों, फैशन शो, किटी पार्टी, महिला संगीत, बर्थडे पार्टी कॉर्पोरेट पार्टी और थिएटर में भी यूवी लाइट का प्रयोग किया जाने लगा है। इनके जरिए शादियों में ब्राइड और ग्रूम की स्टोरी को बचपन से लेकर अब तक के सफ र को बड़ी खूबसूरती से दिखाया जाने लगा है ।
भावनाओं को हाइलाइट करने में मिलती है मदद
इसमें नॉर्मल ही सारे कलाकार ब्लैक या ब्लू मास्किंग में होते हैं हालांकि यूवीएफ दिखने में जितना आकर्षक लगता है इसे करना उतना ही मुश्किल भी है। भावनाएं बयां करने के लिए जिसे हाइलाइट करना होता है वहां लाइट इफेक्ट दिया जाता है। इसमें स्क्रिप्ट, एक्टिंग नरेशन और डांस का भी कांबिनेशन होता है । इसलिए लाइटिंग इफेक्ट करने वाले को तकनीकी रूप से बहुत मजबूत होना चाहिए । एलइडी लाइट्स को कलर्स कंपोजीशन के लिए यूज किया जाता है तो नियॉन और लेजर लाइट्स को सेट क्रिएशन और स्टोरी टेलिंग को प्रभावी बनाने के लिए किया जाता है । इसमें ग्राफि क्स और संगीत की भी उतनी ही अहमियत होती है । इसलिए आजकल किसी भी कार्यक्रम को बेहतर तरीके से प्रजेंट करने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स लाइटिंग, साउंड सिस्टम और ग्राफि क्स से लेकर हर तकनीकी पहलू पर बहुत सीरियसली काम किया जाता है।
हर तरह की पार्टियों में नियॉन थीम का तड़का
शहर के वेडिंग प्लानर कहते हैं कि ज्यादातर शादियों के संगीत कार्यक्रम में नियॉन थीम पर होते हैं। जिसकी वजह से यूवी लाइट्स का इस्तेमाल बढ़ गया है । पहले केवल डांस पर ही फ ोकस होता था जिसमें कहानी तो होती थी लेकिन वह कहानी दिल को उतनी नहीं छूती नहीं थी । मगर यूवी एक्ट में डांस सॉन्ग गाने के स्टोरी कहीं बेहतर तरीके से कम्युनिकेट होती है। इसके जरिए कलाकार स्टोरी का मैसेज दर्शकों तक कहीं ज्यादा रचनात्मक ढंग से पहुंचा पाता है।

No comments: