Search This Blog

Powered by Blogger.

Facebook Pe Job Kaise Search Kare

Facebook par job kaise dhunde, Facebook par job kaise paye, Facebook ke madat se job kaise dhunde. Agar aap bhi job na milne ke karan pa...

पासवान की राह पर उद्धव-अनुप्रिया, सहयोगियों के सामने क्यों बैकफुट पर है BJP?


देश के तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हार क्या मिली उसके सहयोगी दलों ने पार्टी को आंखें दिखानी शुरू कर दी. बिहार में एनडीए के घर का झगड़ा रामविलास पासवान और नीतीश कुमार से अभी सुलझा ही था कि महाराष्ट्र में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भाषा बोलने लगे हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बाद अब अपना दल (एस) ने भी BJP को चेताना शुरू कर दिया है.
एनडीए में बीजेपी के लिए सबसे ज्यादा भरोसेमंद माने जाने वाले अपना दल ने भी बगावती रुख अख्तियार कर लिया है. अपना दल के अध्यक्ष आशीष पटेल ने मंगलवार को प्रेस कॉफ्रेंस कर बीजेपी को गठबंधन की मर्यादा और तीन राज्यों में सरकार जाने का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया. इतनी ही नहीं आशीष पटेल ने तो बसपा अध्यक्ष मायावती की शान में कसीदे भी पढ़े.
आशीष पटेल केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति हैं और इन दिनों अपना दल (एस) की कमान संभाल रहे हैं. सूबे के सियासी मिजाज और मौके की नजाकत को समझते हुए अपना दल ने भी बीजेपी के खिलाफ बगावती रुख अख्तियार कर लिया है.
आशीष ने कहा कि मंत्री होते हुए भी अनुप्रिया पटेल को सरकारी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाता है. उन्होंने योगी सरकार और यूपी के बीजेपी नेतृत्व पर मनमानी करने और अपना दल की उपेक्षा का आरोप लगाया.
उधर, एलजेपी नेता और रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान जिस तरह कांग्रेस अध्यक्ष की तारीफ करके बीजेपी पर दबाव बनाने में कामयाब रहे. इतना ही नहीं वह अपनी शर्तों पर सीट शेयरिंग का फॉर्मूला भी तय कर ले गए. अब उसी तर्ज पर अपना दल अध्यक्ष आशीष पटेल ने बसपा अध्यक्ष मायावती गुणगान करते हुए कहा कि यूपी में मौजूदा समय से बेहतर कानून व्यवस्था तो मायावती के राज में थी.
उत्तर प्रदेश में बीएसपी और समाजवादी पार्टी की दोस्ती बनती नजर आ रही है. दूसरी तरफ कांग्रेस भी शिवपाल यादव और दूसरे छोटे दलों को अपने साथ मिलाने की रणनीति पर जुटी हुई है. जबकि सूबे में एनडीए के सहयोगी सुहेलदेव समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर तो पहले से बीजेपी को कोस रहे हैं. वहीं, अब अपना दल के बदले रुख से बीजेपी की चिंताएं भी बढ़ गई हैं.
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपना दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. अपना दल को मिर्जापुर और प्रतापगढ़ सीट मिली थी और पार्टी ने दोनों ही सीटों पर जीत हासिल की थी. इसके बाद 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में अपना दल ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 9 पर उसे जीत मिली थी.
अपना दल 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए 5 संसदीय सीटें मांग रहा है जबकि ओम प्रकाश राजभर भी दो सीटें मांग रहे हैं. वे हर हाल में अपने बेटे को मैदान में उतारना चाहते हैं. अब देखना होगा कि एनडीए के इन दोनों दलों की मांग को बीजेपी कितनी तवज्जो देती है.
महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना के तेवर काफी पहले से बगावती हैं, लेकिन अब तो शिवसेना कांग्रेस अध्यक्ष राहुल की भाषा तक बोलने लगी है. उद्धव ठाकरे ने सोमवार को राफेल डील के मामले में मोदी सरकार पर हमला बोलने के लिए 'चौकीदार चोर है' के नारे का इस्तेमाल किया. दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस पार्टी राफेल डील के संदर्भ में प्रधानमंत्री पर निशाना साधने के लिए इसी नारे का इस्तेमाल करती आ रही है.
उद्धव ठाकरे ने हाल ही के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार को लेकर भी तंज कसा था. उन्होंने कहा था कि 5 राज्यों के हालिया नतीजों ने बीजेपी की 'विश्व विजेता' की छवि को तार-तार कर दिया है. नतीजे बताते हैं कि लोग अब बीजेपी से ऊब चुके हैं और जनता ने बीजेपी को खारिज कर उसे सख्त संदेश दिया है.

No comments: